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आयुर्वेदिक पौधों से विद्यालय को सजाएगा नैतिक जागरण मंच

शिक्षक संजय राय बगहा-1की इच्छा का सम्मान करते हुए नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट ने विद्यालय को आयुर्वेदिक पौधों से सजाने में उनकी सहायता करने का किया वादा, शिक्षक के श्रेष्ठ विचारों के लिए चंपारण का विशेष फूल चंपा ,महुआ ,जूही और मनी प्लांट देकर किया सम्मान।

       कहा जाता है जिसके विचार अच्छे होते हैं वह इंसान सचमुच अच्छा होता है ।पर्यावरण व चंपा के आभाव मे चंपारण्य के बजाए चंपारण कहलाने वाला अब फिर से चंपा फूल से सुसज्जित हो अपने नाम को शीघ्र ही यथार्थ करेगा।मैं ऐसा मरना है नैतिक जनमंच वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव नीतू कुमार पाठक का उन्होंने यह कहा कि जब समाज के विद्वतवर्ग शिक्षक अधिवक्ता कवि एवं किसानों का पर्यावरण संरक्षण , चंपारण को चंपारण्य बनाने तथा औषधीय पौधों के प्रति काफी झुकाव है ।तो वह दिन अब दूर नहीं जब पूरा चंपारण चंपा के फूलों से महक उठेगा और आयुर्वेद के छांव में लोग साँस ले सकेंगे । लोगों का पौधों के प्रति जुड़ाव जुड़ा का शुभ व मंगलकारी संकेत है। 

     यदि नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट की बात करें तो ट्रस्ट चंपारण को चंपारण बनाने हेतु चंपा महोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन कर हर दरवाजे पर चंपा लगाने की मुहिम के तहत अबतक 10,000 से ज्यादा चंपा फूल को लोगों में बांट चुका है ।प्रारंभिक दौर मे रखरखाव के अभाव में बहुत से लोगों के यहां का चंपा सूख गया ।लेकिन अब जो लोग चंपारण को चंपा के नाम से जाना जाता है। इसे जान गए हैं। उनमें चंपा लगाने की जुनून काफी बढ़ गया है। इसके लिए नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट लगातार प्रयास कर रहा है । ट्रस्ट चंपा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण हेतु जहां इमारती लकड़ियों को जगह जगह लगवा रहा है । वही ऑक्सीजन उत्पादक पौधों और जीव जंतुओं के वृहद संरक्षक पाकड़ पीपल बरगद हरिशंकर जिसे हरिशंकरी वृक्ष कहा जाता है ।उसको भी जगह जगह लगवाने का प्रयास कर रहा है।

 इस वर्ष आयुर्वेदिक दवा के रूप में प्रयुक्त होने वाले तुलसी ,नीम,महुआ, जामुन,तेजपत्ता, एलोवेरा रातरानी अमरुद आदि पौधों को भी सुरक्षित व्यक्तियों के हाथों में सौंप कर उनके आंगन , दरवाजे पर लगाने का प्रयास कर रहा है। इसलिए नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट ने इस वर्ष चंपा महोत्सव के साथ-साथ महुआ महोत्सव का भी आयोजन किसने किया है। 

           आज जब कन्या मध्य विद्यालय बगहा -1 के शिक्षक संजय राय और अमरेश श्रीवास्तव चंपा के साथ-साथ अन्य आयुर्वेदिक औषधि वाले पौधों को लेने पहुंचे। तब मंच को बड़ी खुशी हुई। शिक्षक संजय राय ने बताया कि सनातन धर्म की पूजा में जिन चीजों की को चढ़ाया जाता है। वें किसी न किसी रूप में दवा के रूप में प्रयुक्त होते हैं। इस दौरान औषधि के रूप में प्रयुक्त होने वाले गिलोय के अलावे बेल तुलसी,महुआ ,नीम, मनी प्लांट रातरानी भांग धतूर जैसे अनेकों औषधि गुण वाले पौधों की चर्चा हुई। उन्होंने मंच से आग्रह किया कि मैं अपने विद्यालय को आयुर्वेद की छांव में रखना चाहता हूं। तब नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव निप्पू कुमार पाठक ने उन्हें आश्वासन दिया कि आपके विद्यालय को पर्यावरण के साथ-साथ आयुर्वेद की छांव में रखने के लिए आयुर्वेदिक पौधों को लगाने में भरपूर सहायता करेगा।आप केवल पौधों का संरक्षण करें ।पौधे को मुहैया कराने में नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

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