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ए.पी.जे. अब्दुल कलाम युवाओं के लिए आदर्श है: शाहरुख कायमखानी

भूतपूर्व राष्ट्रपति, विश्व विख्यात वैज्ञानिक एवं मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर एनएसयूआई की तरफ से श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

एनएसयूआई राष्ट्रीय सयोंजक एवं राजस्थान प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी शाहरुख खान कायमखानी ने कहा कि डॉ. अब्दुल कलाम जी का भारत को विश्व पटल पर महाशक्ति बनाने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है| उनके विचार आज भी युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। हम सभी एनएसयूआई कार्यकर्ता आज उनकी पुण्यतिथि पर श्रदांजलि अर्पित करते है।।

इनका पुरा नाम अब्दुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम मसऊदी इन्हे मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति के नाम से जाना जाता है, भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता (इंजीनियर) के रूप में विख्यात थे। उन्होंने सिखाया जीवन में चाहें जैसे भी परिस्थिति क्यों न हो पर जब आप अपने सपने को पूरा करने की ठान लेते हैं तो उन्हें पूरा करके ही रहते हैं। अब्दुल कलाम मसऊदी के विचार आज भी युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

इन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संभाला व भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में भी शामिल रहे। इन्हें बैलेस्टिक मिसाइल और प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी के विकास के कार्यों के लिए भारत में ‘मिसाइल मैन’ के रूप में जाना जाता है।

इन्होंने 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद से दूसरी बार 1998 में भारत के पोखरान-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनैतिक भूमिका निभाई।

कलाम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी व विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों के समर्थन के साथ 2002 में भारत के राष्ट्रपति चुने गए। पांच वर्ष की अवधि की सेवा के बाद, वह शिक्षा, लेखन और सार्वजनिक सेवा के अपने नागरिक जीवन में लौट आए। इन्होंने भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किये।

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