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13 साल की नाबालिक बच्ची के साथ दुष्कर्म करके पत्थरों में दबाया

सारणी (बैतूल):

सारणी के पास जांगडा गाँव में 13 साल की बच्ची के साथ रुह काप देने वाली हैवानियत सामने आई है । घटना सोमवार के रात की है। जिस पडोसी खेत मालिक सुशील वर्मा (45) को बच्ची चाचा कहती थी, उसी ने मोटर बंद करने आई बच्ची को पाइप लगाने के बहाने बुलाया। दोन्हो खेतो के बीच गुजर रहे नाले में इस 13 साल की मासुम बच्ची के साथ दुष्कर्म करके उसके चेहरे और पेट पर पत्थर पटके। बच्ची को मरा समझकर बडे पत्थरो से दबाकर दुष्कर्मी बेफिक होकर अपने घर चला गया। जब बच्ची घर नई लौटी तो उनकी दो बहनें और पिता उसे ढुंंढने खेत पहुंचे। बच्ची को आवाज लगाने पर उसकी कहराने की आवाज आई। रात की अंधरे में आवाज की दिशा में आगे बढकर टॉर्च की रोशनी में देखा तो बच्ची पत्थरो में दबी थी। उसे निकालकर उनके पिता घोडाडोंगरी असप्ताल में पहुंचे। हालत में सुधार न होने के कारण उन्हे मंगलवार सुभह बच्ची को नागपूर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहाँ लगभग 5 दिन बाद भी बच्ची की हालत में सुधार नहीं हो पा रही है। और अब इस बच्ची ने खाने पिना भी बंद कर दिया है। जब यह बच्ची अपनी आँख खोलती है तो उसके मन में आज भी वो घिनौना नृत्य का डर सताता है।

आदिवासी विकास परिषद बैतूल के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम के नेतृत्व में राष्ट्रपती के नाम सौंपा ज्ञापन

    आज दिनांक 22/01/2021 को मध्यप्रदेश के आदिवासी विकास परिषद बैतूल युवा प्रभाग ने महामहिम राष्ट्रपती के नाम से अति पुलिस अधीक्षक बैतूल श्रद्धा जोशी को ज्ञापन सौपा।

मध्यप्रदेश के आदिवासी परिषद युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और बैतूल जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रीती नर्रे जी ने ज्ञापन देते हुए मांग की और कहा जिले की 13 साल की बच्ची के साथ घिनौना नृत्य करने वाले सुशील वर्मा के लिए केवल आदिवासी विकास परिषद ही नहीं बल्की प्रदेश के सभी सामाजिक आदिवासी संघठन, समाज और पुरा देश प्रशासन से फांसी की मांग करता है। यह केवल एक ही परिवार नहीं बल्की पुरे समाज और देश को शर्मशार करने वाली घटना है। जिस देश में हम कहते है की “बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” उसी देश में बेटीओ के साथ ऐसा घिनौना नृत्य होना बहुत ही शर्मनाक है। बिते दिनों में और आए दिनों अन्य जगह से भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही है। कानूनी प्रक्रिया लंबी होने के कारण अपराधी की हिम्मत को बल मिलता है। जब की ऐसा नहीं होना चाहीए। इस तरह की घटनाएं की तुरंत जाँच पडताल की कार्यवाही करके आरोपीयों को फांसी की सजा होना जरुरी है। तभी ऐसे दुष्कर्म के हाथो से होनेवाले अपराध की रोकथाम हो सकती है।

बिटीया को न्याय मिले यही पुरे देश की मांग है। और पीडिता का इलाज अच्छे से अच्छे असप्ताल में सरकारी खर्च पर हो इसकी मांग की है। ताकी पिडीता के परिवार वाले को आर्थिक तंगी का सामना ना करना पडे, पीडिता का परिवार गरिबी होने और पैसे की कमी अभाव से पीडिता का जो उचित इलाज होना जरुरी इसे वो वंचित न हो इसकी मांग की गयी है।

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