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बिहार चुनाव- दाग अच्छे है तो क्यों?

देश मे यह आम सी बात है कि अगर किसी व्यक्ति पर आपराधिक मामला हो या वो किसी अन्य गतिविधियों में शामिल हो तब भी उसे चुनावी टिकट थमा दिया जाता है। मगर अब इस बात का पार्टी को जनता जवाब देना होगा की किसी भी आपराधिक छवि या आरोपी व्यक्ति को चुनाव में टिकट क्यों दिया गया।

आज कल बिहार चुनाव देश का माहौल बदले हुए है, जिसे देखो वो राज्य में चुनाव की बात कर रहा है। मगर इसी बीच चुनाव आयोग ने राजनेताओ की मुश्किलों को बढ़ाते हुए एक फरमान जारी कर दिया है कि अगर किसी पार्टी में आपराधिक छवि के व्यक्ति को टिकट दिया गया है। तो क्यों दिया गया ? इसपर जवाब देना होगा। इस बात को लेकर उस पार्टी को सोशल मीडिया पर पुष्टि करनी होगी कि उस व्यक्ति को टिकट क्यों दिया गया।

देश में यह आम सी बात है कि अगर किसी व्यक्ति पर आपराधिक मामला हो या वो किसी अन्य गतिविधियों में शामिल हो तब भी उसे चुनावी टिकट थमा दिया जाता है। मगर अब इस बात का प्रत्येक पार्टी को जनता को जवाब देना होगा की किसी भी आपराधिक छवि या आरोपी व्यक्ति को चुनाव में टिकट क्यों दिया गया।

अभी फिलहाल बिहार में विधानसभा 2020  को लेकर चुनावी मैदान में उतरे सभी राजनीतिक दल राज्य की सत्ता तक पहुंचने के लिए पुरजोर कोशिश में जुटे हैं। सभी पार्टियों की चाहत सत्ता में भागीदारी की है। चुनाव को लेकर पार्टी हो या गठबंधन, सभी अपने नेता या मुख्यमंत्री का चेहरा सामने रख चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। कई मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी तो खुद चुनावी मैदान में योद्धा भी बने है। इस चुनाव में जहां सत्ता तक पुहंचने के लिए विभिन्न पार्टियों ने चार अलग-अलग गठबंधन बनाकर चुनावी मैदान में हैं वहीं बिहार के मुख्यमंत्री बनने का सपना संजोए छह मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भी हैं।

राज्य में पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर को पहले चरण की वोटिंग होगी जिसमें 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान होगा। दूसरे चरण का चुनाव 3 नवम्बर को होगा जिसमें 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान होगा जबकि तीसरे चरण का चुनाव 7 नवम्बर को होगा जिसमें 15 जिलों की 78 सीटों पर मतदान होगा वहीं वोटों की गिनती 10 नवम्बर को होगी। बिहार में कुल 245 सीटें है जिसमें 2 सीटें आरक्षित होती है जिसमें राज्यपाल नियुक्ति करते हैं। अब बची 243 विधानसभा सीटें जिसपर चुनाव होना है जिसमें इस चुनाव में राजद ने 144 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। महागठबंधन की सबसे मजबूत पार्टी कही जा रही राजद का मुकाबला ज्यादातर सीटों पर सीधे जदयू से है। एनडीए में सीट शेयरिंग का जो फॉर्मूला तय हुआ है उसके तहत जदयू 115 और बीजेपी 110 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी की 110 सीटों में से महज 51 सीट पर राजद से सीधा मुकाबला है।

जाहिर है ऐसे में बीजेपी के लिए बाकी बचे अपने 59 सीटों पर जीत की राह आसान होगी। बिहार में इस बार कुल वोटर की संख्या करीब 7 करोड़ 30 लाख है। अब यह देखने वाली बात होगी कि कौन कितने पानी में है और कौन राज्य में सत्ता का शासक बनेगा। जनता किस को मुख्यमंत्री का ताज पहनाएगी और कौन रहेगा सत्ता से बाहर किसके पल्ले में आएगी कितनी सीटें और कौन करेगा जनता पर फिर से राज़।

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