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भारतीय महिलाओं में बढ़ती स्तन कैंसर की समस्या

भारत में वर्ष 2012 में लगभग 1,44,937 स्तन कैंसर रोगी महिलाएं इलाज के लिए सामने आई। वहीं, उसी साल लगभग 70,218 स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं ने दम तोड़ दिया।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। भारत में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। खासकर, स्तन कैंसर के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पॉपुलेशन ब्रेस्ट कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार, भारत में हर साल करीब 1.44 लाख ब्रेस्ट कैंसर के नए मामले सामने आ रहे हैं। यह एक बड़ी चिंता की बात है। डॉक्टरों का कहना है कि स्तन कैंसर के मामलों में वृद्धि का कारण गलत जीवनशैली और जागरूकता की कमी है। 

कैंसर क्यों होता है, इसकी ठीक वजह का पता लगा पाना संभव नहीं है। फिर भी डॉक्टरों का मानना है कि जिन महिलाओं में मासिक धर्म जल्दी शुरू हो जाता है और बहुत ज्यादा उम्र होने पर खत्म होता है, उन्हें स्तन कैंसर की होने की संभावना ज्यादा होती है। इसके अलावा जो महिलाएं देर से मां बनती हैं या जिन्हें बच्चा नहीं होता, उन्हें भी स्तन कैंसर होने का डर रहता है। 

भारत में स्तन कैंसर के बढ़ने के पीछे जानकारी की कमी भी एक बड़ी वजह है। खासकर, ग्रामीण इलाकों में महिलाओं में इसे लेकर जरा भी जागरूकता नहीं है। स्तन कैंसर में शुरू में स्तन में एक गांठ बनती है। अगर उसी समय उस गांठ को हटा दिया जाए तो स्तन कैंसर की समस्या पैदा ही नहीं हो सकती। लेकिन ग्रामीण और शहरी महिलाएं भी उस पर ध्यान नहीं देतीं। जब गांठ की कोशिकाएं बढ़ कर ट्यूमर का रूप ले लेती हैं तो महिलाएं इलाज के लिए आती हैं।

भारत में हर आठ में एक महिला स्तन कैंसर की चपेट में है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्तन कैंसर इस बीमारी के सभी प्रकारों में सबसे आम है और भारत में इससे पीड़ित महिलाओं की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।

कैंसर रिसर्च की इंटरनेशनल रिसर्च एजेंसी ग्लोबेकेन में सामने आया है कि भारत में वर्ष 2012 में लगभग 1,44,937 स्तन कैंसर रोगी महिलाएं इलाज के लिए सामने आई। वहीं, उसी साल लगभग 70,218 स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं ने दम तोड़ दिया। मोटे तौर पर इस रिपोर्ट में सामने आया कि देश में स्तन कैंसर से पीड़ित हर दूसरे रोगी की मृत्यु हो रही है। जो एक गंभीर समस्या हैं।

भारत में हर साल लगभग एक लाख स्तन कैंसर के मामलों का इज़ाफा हो रहा है। एक रिसर्च में पता चला है कि इस कैंसर की एक वजह बढ़ता वज़न भी हो सकता है। स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली इनव्सिवे कैंसर में सबसे आम है। यह महिलाओ में होने वाली कैंसर का 16% और इनवेसिव कैंसर का 22.9% है। दुनियाभर में कैंसर के कारण होने वाली मृत्युओ में 18.2% स्तन कैंसर से होती है। इस कैंसर की बढती उम्र के साथ होने की संभावना बढती है। महिलाओ में पाने जाने वाले स्तन कैंसर में 80% से ज्यादा स्थितियों में महिलाएं 50 वर्ष से अधिक की होती है। सही समय पर पता चल जाने से इसका इलाज मुमकिन है।

‘दि ग्लोबल बर्डन ऑफ़ डिज़ीज़ स्टडी’ (1990-2016) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में महिलाओं में सबसे ज़्यादा स्तन कैंसर के मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं में स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, पेट का कैंसर, कोलोन एंड रेक्टम और लिप एंड कैविटी कैंसर मामले देखने को मिल रहे हैं। 

भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे पहले नंबर पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो ब्रेस्ट कैंसर के मामलों की संख्या 377830 वो साल 2025 तक बढ़कर 427273 हो जाएगी।वर्तमान में भारत में ब्रेस्ट कैंसर का प्रतिशत 14 है। जो की अत्यंत चिंता का विषय है। 

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