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राजस्थान के किसानों ने किया NH 8 जाम

हाईवे पर किसानों का काफिला बढ़ता जा रहा है ओर इसको देखते हुए भारी संख्या में हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स, की तैनाती की गई है, और भारी बेरिकेटिंग की गई है, अभी ये हालत है कि मोर्चे की ओर जाने वाले हर तरह के वाहन को हरियाणा सरकार रोकने में लगी है।

राजस्थान के साथ गुजरात और हरियाणा के किसानों की भी भागीदारी

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के दिल्ली के आसपास के राज्यो के किसानों से दिसंबर 14 को ‘दिल्ली चलो’ आवाहन के तहत दिसंबर 12 तारीख की रात में ही राजस्थान के किसान कोटपुतली पहुंचे ओर दिल्ली कूच के लिए दिसंबर 13 की सुबह निकले। काफिले में सैकड़ों गाडियां लेकर किसान तकरीबन 11 बजे कोटपुतली से निकले, हरियाणा बॉर्डर  500  मीटर की दूरी पर शाहजहांपुर के करीब काफिले को पुलिस द्वारा रोका गया उसके बाद किसान रैली के रूप में पैदल बड़े। ये देखते हुए हरियाणा बॉर्डर सील कर दिया गया और भारी पुलिस जाब्ता लगा कर रैली को रोक दिया गया। इसको देखते हुए किसानों ने वहीं डेरा डाल दिया तब से लेकर अब तक NH 8 पर किसान हाईवे रोक कर बैठे है ओर दिल्ली जाने के लिए बड़ी संख्या में किसानों का आना जारी है।

अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड रामचंद्र कुलहरी ने बताया कि समन्वय कमिटी इस पर विचार कर रही है और जल्द ही बेरीकेट्स को तोड कर दिल्ली कि ओर कूच करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जब तक तीनों नए अध्यादेश वापस नहीं लिए जाते तब तक दिल्ली कूच के लिए किसानों का दिल्ली घेराव बढ़ता जाएगा ओर पूरी दिल्ली को देश का किसान घेर कर रखेगा।

अभी हाईवे पर किसानों का काफिला बढ़ता जा रहा है ओर इसको देखते हुए भारी संख्या में हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स, की तैनाती की गई है, और भारी बेरिकेटिंग की गई है, अभी ये हालत है कि मोर्चे की ओर जाने वाले हर तरह के वाहन को हरियाणा सरकार रोकने में लगी है। यहाँ तक कि कुछ राजस्थान के किसानों के संमर्थक जो लंगर लगाने टिकरी बॉर्डर गए थे उनको भी वापसी में हरियाणा से राजस्थान बॉर्डर की ओर जाने से रोका जा रहा है।

आंदोलन के तेवर तीखे है। महिलाओं की भी भागीदारी है। राजस्थान में दस तक स्थानीय चुनावो की सरगर्मी थी पर उसके बाद से ही किसान आंदोलन की आग फैलती जा रही है। दिसंबर 14 के आह्वान पर बहुत से जिलों मे किसान आंदोलन के समर्थन मे स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम लिए गए।

इस हाईवे पर धरने को किसान सभा के राष्ट्रीय नेता हन्नान मोल्लाह, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, राजस्थान के किसान नेता कामरेड अमराराम, सी.पी.एम. विधायक बलवान पुनिया आदि संबोधित कर चुके है ।

This article was originally published by Rahul Chaudhary in Trolley Times.

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